-जीवन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कठिन परिश्रम जरूरी-मंडलायुक्त
-मंडलायुक्त अजीत कुमार को दृष्टि ने किया मानद सदस्यता से अलंकृत
चित्रकूट।सामाजिक संस्था दृष्टि के स्थापना के 30 वर्ष पूरे होने एवं विश्व श्वेत छड़ी दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि रहे चित्रकूटधाम मंडलायुक्त अजीत कुमार ने संस्था द्वारा संचालित गतिविधियों का अवलोकन करने के बाद कहा कि अब समय बदल गया है और मेरे अनुसार दृष्टिबाधितों को भी कम्प्यूटर, अंग्रेजी, गणित और विज्ञान जैसे विषयों का अध्ययन करना चाहिए।दृष्टि संस्था इसी उद्देश्य के साथ काम कर रही है।
मंडलायुक्त ने कहा कि दृष्टि संस्था के संस्थापक शंकर लाल गुप्ता की दूरदर्शी सोच से दृष्टिबाधितों को शिक्षित,प्रशिक्षित होने के साथ-साथ अपने सपनों को पूरा करने का अवसर मिल रहा है। दृष्टि संस्था में दृष्टिबाधितों की अपेक्षाओं का पूरा ध्यान रखा गया है। उन्होंने विद्यार्थियों से बात करते हुए कहा आपको जो करना हो या बनाना हो उसे अपनी गहराईयों से कहे, और उसके लिए लगन और अनुशासन का पालन करते हुए पूरा करें। यहां की बालिकाएं विशेष शिक्षा के साथ सामान्य विद्यालयों में शिक्षा प्राप्त करती है। जिससे इनका चहुमुखी विकास हो रहा है। इसके अलावा संस्था द्वारा संचालित होम मैनेजमेंट कोर्स, स्वरोजगार प्रशिक्षण आदि इसको आत्मनिर्भर बनाने की दिशा का सकारात्मक कदम है।
विश्व श्वेत छडी सुरक्षा दिवस के अवसर पर संस्था द्वारा 5 दृष्टिबाधितों को श्वेत छडी का वितरण किया। अपने दृष्टिबाधितों की चित्रकूट यात्रा को सहज और सरल बनाने के लिए संस्था द्वारा चित्रकूट दर्शन नाम की एक ब्रेल पुस्तिका का भी विमोचन कमिश्नर के कर कमलों द्वारा कराया गया। समारोह में दृष्टि द्वारा अपनी संस्थापक सदस्य श्रीमती जयश्री जोग को संस्था के प्रति उनके अनुराग और सहयोग की भावना के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट करने के लिए दृष्टि अवार्ड देकर सम्मानित किया।
स्वागत उद्बोधन में संस्था के संस्थापक एवं महासचिव शंकर लाल गुप्ता ने सभी के सामने दृष्टि की 30 वर्षीय यात्रा का एक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। संस्था द्वारा अपने ग्रामीण भाई/बहनों के सशक्तिकरण हेतु संचालित प्रोग्राम के दो लाभार्थियों मानिकपुर के जगन्नाथ, एवं राजापुर के शिव शंकर को मुख्य अतिथि के कर कमलों द्वारा आर्थिक सहायता के चेक दिलवाए। समारोह के अंत में कमिश्नर अजीत कुमार को दृष्टि ने अपनी मानद सदस्यता से अलंकृत कर उन्हें दृष्टि परिवार का नया मार्गदर्शक बनाया। जिसे उन्होंने बड़ी सहजता से स्वीकार किया।
इस अवसर पर समारोह की अध्यक्षता कर रहें जे0आर0एच0यू0 के कुलपति प्रो0 शिशिर पाण्डेय ने कमिश्नर साहब एवं शंकर लाल गुप्ता को ऋषि की उपाधि देते हुए अपना साधुवाद दिया। समारोह में मुख्य विकास अधिकारी अमृतपाल कौर, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी प्रियंका यादव, बांदा डिस्ट्रिक्ट कोआपरेटिव बैंक के अध्यक्ष पंकज अग्रवाल, सहित संस्था के शुभचिन्तक , समाजसेवी एवं नगर के गणमान्य नागरिकों की विशिष्ट उपरिथति रही। संचालन संस्था के कोषाध्यक्ष पी0डी0 गुप्ता ने किया जबकि विद्यालय की प्रधानाचार्या वर्षा गुप्ता ने आभार ज्ञापन किया।
दृष्टिबाधितों के जीवन में ज्ञान की ज्योति जला रही सामाजिक संस्था दृष्टि-मंडलायुक्त अजीज कुमार
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