चित्रकूट। श्रावण मास में धर्मनगरी के मंदिरों में झूला महोत्सव के तहत राधा-कृष्ण के सुंदर झूले सजे हैं, भजन-कीर्तन और कथा प्रवचनों से संपूर्ण क्षेत्र भक्तिमय हो उठा है। इसी क्रम में श्री रघुवर किशोर राम जानकी मंदिर में 10वें वर्ष झूला महोत्सव के अवसर पर श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें कथावाचक अनु शास्त्री भक्तों को कथा का रसपान करा रहे है।
कथा के तीसरे दिन शनिवार को कथा वाचक अनु शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, वामन अवतार और भक्त प्रहलाद की कथा सुनाई। कथा सुनने के लिए सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुट गई। इस दौरान महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सजधज कर भगवान को झूला झुलाने पहुंची। मंदिर प्रबंध समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए जलपान और बैठने की व्यवस्था भी की गई है। मंदिर प्रबंध समिति के सदस्यो ंने बताया कि यह परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है, जो अब एक आध्यात्मिक परंपरा का रूप ले चुकी है। झूला महोत्सव हरियाली अमावस्या से रक्षाबंधन तक चलता है और प्रतिदिन मंदिर परिसर में विशेष पूजन, आरती और भजन संध्या का आयोजन होता है। झूला महोत्सव आयोजन ने चित्रकूट की आध्यात्मिक छवि को मजबूत किया है। बताया कि श्रावण मास के इस अवसर पर चित्रकूट धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन गया है। आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए साफ-सफाई, सुरक्षा और परिवहन के विशेष इंतजाम किए हैं।
झूला महोत्सव के 10वें वर्ष श्री रघुवर किशोर जानकी मंदिर में हुआ भागवत कथा का आयोजन
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